बिहार के पक्षी विहार – Birds of Bihar

बिहार के पक्षी विहार – Birds of Bihar

कांवर पक्षी विहार

बेगूसराय में कांवर झील में स्थित इस विहार को सन् 1989 में पक्षी विहार के रूप में मान्यता मिली थी । 63.11 वर्ग किमी क्षेत्र में फैले इस पक्षी विहार में रूस , मंगोलिया और साइबेरिया से हजारों किमी की दूरी तय कर लाखों की संख्या में पक्षी पहुंचते हैं । कांवर पक्षी विहार की गणना विश्व में वेटलैण्ड के रूप में होती है । यहाँ कुछ दुर्लभ किस्म के पक्षी चीन हिमालय के ऊपरी भागों और श्रीलंका से भी आते हैं ।

नागी पक्षी विहार

नागी पक्षी विहार जमुई जिले में स्थित इस पक्षी विहार को 1987 में पक्षी विहार के रूप में मान्यता मिली थी । यह 791 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है ।

बक्सर पक्षी विहार :

बक्सर पक्षी विहार : 25 वर्ग किमी में फैले इस पक्षी विहार में अक्टूबर महीने में लालशर नामक पक्षी कश्मीर से यहाँ प्रवास पर आते हैं और मार्च में पुनः कश्मीर की वादियों में लोट जाते हैं । यह पक्षी विहार बक्सर जिले में स्थित है ।

गोगाबिल – पक्षी विहार :

> गोगाबिल – पक्षी विहार : 217.99 एकड़ में फैला यह पक्षी विहार कटिहार जिले में है । 1990 ई ० में इसे पक्षी विहार के रूप में मान्यता मिली । इसमें धनुषाकार झील है , जिसका नाम गोगाबिल है ।

कुशेश्वर पक्षी विहार :

कुशेश्वर पक्षी विहार : दरभंगा जिला के कुशेश्वर स्थान के पास 29.23 वर्ग किमी में फैले इस पक्षी विहार को उत्तर भारत का सबसे बड़ा पक्षी विहार माना जाता है । यहाँ साइबेरियाई पक्षी अक्टूबर के महीने में आते हैं । नक्टी पक्षी विहार जमुई जिले में स्थापित इस पक्षी विहार का क्षेत्रफल 3.32 वर्ग किमी है । इसे एक पक्षी विहार के रूप में 1987 ई ० में मान्यता मिली ।

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