आतंकवाद पर निबंध। Aatankwad Par Nibandh ।

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आतंकवाद पर निबंध । Aatankwad Par Nibandh 300 words


आतंकवाद पर निबंध : आतंकवाद आज राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय ज्वलंत समस्या बन गया है । यह विश्व के लिए कोई नया शब्द नहीं बल्कि भारत , इजरायल , अरब राष्ट्रों , फिलिस्तीन आदि देशों में पूर्व से ही प्रयुक्त है । किसी भी दिन का समाचार – पत्र ऐसा नहीं रहेगा जिसमें आतंकवादी गातिविधियों की कारनामा सुर्खियों में न हो ।

आज इस समस्या को समाप्त करने के लिए हर संभव उपाय सफल नहीं हो पा रहा है । आतंकवाद शब्द का आशय है – एक ऐसी नई राह बनाना जिस पर चलने से समाज एवं राष्ट्र में भय , आतंक की स्थिति व्युत्पन्न हो जाए और इन गतिविधियों के सामने शासन तंत्र घुटना टेक दे । आतंकवादी गतिविधियों की पृष्ठभूमि में पूँजीवादी देशों की सहायक भूमिका को प्रमुख माना जा रहा है ।

आतंकवादी पूँजीपतियों और सेठ – साहूकारों की कहीं हत्या कर रहे हैं तो कहीं विमान का अपहरण । कहीं बम विस्फोट की जा रही है । आज कोई भी विवेकशील , समझदार , बुद्धजीवी व्यक्ति इसे कदापि पसन्द नहीं करेगा । हानियों के अलावे इससे लाभ की आशा नहीं की जा सकती । समकालीन समय में पूरा विश्व आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है । यदि कोई राष्ट्र आतंकवाद को प्रश्रय दे रहा है तो उसे आतंकवादी राज्य घोषित कर उसे बर्बाद कर दिया जा रहा है ।

11 सितम्बर 2001 को विमान अपहरण करके न्यूयार्क स्थित ‘ विश्व व्यापार केन्द्र ‘ को ध्वस्त कर दिया गया , तब अमेरिका जैसे पूँजीवादी राष्ट्र की नींद खुली । यह विश्व व्यापार केन्द्र संसार का सबसे बड़ा भवन था । इस घटना में देश – विदेश के अनेकों लोग मारे गए जिसमें अधिकतर भारतीय थे । इस घटना के बाद स्वयं अमेरिका ने आतंकवाद को पूरे विश्व से समूल नाश करने की वीणा उठाई है ।

आतंकवाद को नियंत्रित करने के लिए सरकार और जनता के बीच आपसी सशक्त सहयोग साहचर्य होना चाहिए । कानून और न्याय व्यवस्था में भी सुधार की आवश्यकता है जिससे आतंकवादियों के प्रति कठोर कार्रवाई की जा सके । आतंकवाद की समस्या का समाधान आतंकवादियों को मारने से नहीं , अपितु उसके जड़ों पर प्रहार करने से होगा ।

युवाओं में व्याप्त असंतोष के कारणों को खोजकर उन्हें दूर करना होगा । सरकार को चाहिए कि वह आतंकवादी संगठनों से बातचीत करते हुए राष्ट्रहित में इसे पूरा करने की कोशिश करे ।


आतंकवाद पर निबंध । Aatankwad Par Nibandh । 400 words


आप कोई भी समाचार पत्र हाथ में लीजिए , मोटे – मोटे लक्षरो में अपहरण , हत्या , लूट , व्यभिचार , बमों के धमाके आदि के समाचार अवश्य पढ़ने को मिलेंगे । इस कारण सम्पूर्ण देश में भय का वातावरण बन गया है । आज कोई भी सुरक्षित नहीं है । इसी असुरक्षा एवं कानून की धज्जियाँ उड़ाने का नाम आज ‘ आतंकवाद ‘ है । इस आतंकवाद की जड़ में असंतोष , राजनैतिक स्वार्थ , प्रशासनिक भ्रष्टाचार , धार्मिक उन्माद आदि हैं । ‘ उग्रवाद ‘ भी उसी का छोटा भाई है ।

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आतंकवाद हमारे समाज में पनप रही वह दीमक है , जो सम्पूर्ण समाज को खोखला करने में सक्षम है । आतंकवाद जहर की भाँति पूरे देश में फैल रहा है । इसने हमारे जीवन में सुख , चैन , शान्ति छीन लिए हैं और हमारे अन्दर एक अजीब – सी दहशत पैदा कर दी है । हमारे देश में आतंकवाद से पहले पंजाब जल रहा था , आज कश्मीर जल रहा है , दिल्ली जल रही है , असम , नागालैंड , बिहार आदि जल रहे हैं ।

आतंकवाद से केवल भारत ही नहीं , वरन् सम्पूर्ण विश्व आक्रांत एवं त्रस्त है । आतंकवादी आधुनिक अस्त्र – शस्त्रों से लैस है । उन्हीं अस्त्र – शस्त्रों के बल पर वे लोगों को आतंकित करते है ।

ये आतंकवादी कभी हवाई जहाज का अपहरण कर लेते है , तो कभी ट्रेन को ही उड़ा देते है । कभी सुरक्षाबल शिविरों पर बमों के धमाके करते हैं , तो कभी मुम्बई , दिल्ली जैसे महानगरों में विस्फोट । अभी हाल में दिल्ली में तीन स्थानों पर लगातार तीन भयंकर धमाके हुए ।

आतंकवादियो के समक्ष किसी के जीवन – मरण का कोई मूल्य नहीं । आतंकवाद आज विश्वभर के लिए एक भयंकर चुनौती बन गया है । आज विश्व के अनेक देशो में विभिन्न खूखार आतंकवादी गुट सक्रिय हैं । उन्हें वहाँ की सरकारों का भी संरक्षण प्राप्त है । 11 सितम्बर , 2001 को अलकायदा नामक एक खूखार आतंकवादी गुट द्वारा अमेरिका के ट्वीन टावर को बमों से उड़ा दिया गया ।

आतंकवाद का यह सब अत्यन्त घिनौना रूप है । आतंकवादी इस प्रकार के अमानवीय एवं असामाजिक क्रिया – कलापों में इसलिए लिप्त रहते है ताकि वे राष्ट्रीय सरकार या विश्व समुदाय का ध्यान किसी समस्या पर केन्द्रित कर सके तथा अपनी उचित – अनुचित मांगो को मनवा सके ।

आतंकवाद जैसी समस्या का समाधान राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर होना चाहिए । आतंकवाद की भर्त्सना विश्व नेताओं द्वारा की जा रही है और इस समस्या से निपटने के लिए अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास भी किए जा रहे हैं । पर , आतंकवाद को समूल नष्ट करने के लिए लोगों में दृढ़ आत्मबल एवं पारस्परिक संगठन आवश्यक है । इसके साथ ही मार्गभ्रष्ट लोगो को मनोवैज्ञानिक रीति से सन्मार्ग पर लाना होगा ।


आतंकवाद पर निबंध । Aatankwad Par Nibandh । 500 words


भूमिका – आतंकवाद क्या है

सामाजिक एवं आर्थिक विषमता के कारण आतंकवाद की उत्पत्ति होती है । आतंकवाद के कारण लोग सभी जगह स्वतंत्र रूप से नहीं निवास नहीं कर पाते हैं । चारों तरफ एक दहशत का माहौल उत्पन्न हो जाता है । इससे आर्थिक क्षति अत्यधिक होती है और राष्ट्रीय विकास भी बाधित होता है ।

आतंकवाद के विभिन्न कारण

पाकिस्तान जब पंजाब में हिंदू – सिख को लड़ाने में सफल न हो पाया तो उसने काश्मीर में अपनी गतिविधियाँ तेज कर दी । पाकिस्तान में प्रशिक्षित आतंकवादियों की योजनाबद्ध घुसपैठ हुई । नौजवान युवकों को जबरदस्ती आतंक के रास्ते पर डालने के लिए घृणित हथकंडे अपनाएगए ।

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जान – बूझकर काश्मीर में भारत – विरोधी वातावरण का निर्माण किया गया । वहाँ के अल्पसंख्यक हिंदुओं के साथ दिल दहलाने वाले भयंकर अत्याचार किए गए , ताकि वे काश्मीर छोड़कर अन्यत्र जा बसें और काश्मीर पर पाकिस्तान का कब्जा हो सके ।

काश्मीर का आतंकवाद आज कैंसर का रूप धारण कर चुका है । पाकिस्तानी आतंकवादी कभी मुंबई में तो कभी कोलकाता में बम विस्फोट करते हैं , कभी गुजरात के अक्षरधाम में तो कभी काश्मीर की मस्जिद में खून – खराबा करते हैं ।

धार्मिक उन्माद : आतंकवाद पर निबंध

कुछ धर्मभ्रष्ट लोगों का एक समूह धर्म के नाम पर जेहाद छोड़ देते हैं । इसे धर्मयुद्ध बताने का प्रयास करते हैं ताकि लोग उनके झांसे में आये और उनकी संख्या बढ़े । धर्म एक संवेदनशील मुद्दा है । लेकिन सच्चाई है कि वे लोग अपनी एक स्वतंत्र सत्ता कायम करना चाहते हैं जिसका उदाहरण ‘ अफगानिस्तान रहा है ।

धार्मिक उन्मादियों द्वारा अबतक लाखों लोगों की जान ले ली गयी है । वे बड़े – बूढ़े , स्त्रियाँ , बच्चे किसी को भी नहीं छोड़ते हैं । धर्म आपस में मिलकर रहना सीखाता है ।

सबको सुख और शांति से रहने का संदेश देता है । राम , कृष्ण , ईसा , महावीर , गौतम बुद्ध , हजरत मुहम्मद आदि के धार्मिक संदेश से यह पता चलता है कि धर्म का आधार ही अहिंसा , सत्य , स्नेह , दया , करूणा , प्रेम , सहिष्णुता आदि है ।

संसार में जितने भी धर्म है सब प्रेम और भाईचारा सीखाता है । धर्म अच्छा , धर्मांधता बुरा है । लेकिन आतंकवादी धर्म को साम्प्रदायिक जामा पहनाते हैं ।

आतंकवाद के प्रभाव

आज सम्पूर्ण विश्व आतंकवाद के प्रभाव में है । अमेरिका , रूस , भारत सभी देश आतंकवाद से त्रस्त हैं । आतंकवाद आज राष्ट्रविरोधी तत्त्व के रूप में सब जगह व्याप्त है । यह क्षेत्रीय स्तर से अन्तर्राष्ट्रीय स्तर तक व्याप्त है । आज आतंकवाद इतना शक्तिशाली बन गया है कि अमेरिका जैसा शक्तिशाली राष्ट्र भी इसका सामना करने में कठिनाई महसूस करता है ।

निवारण / आतंकवाद को समाप्त करने के प्रयास

आतंकवाद की गंभीरता के कारण आज विश्व के सभी राष्ट्र इसको संगठित रूप से समाप्त करने के प्रयास में जुटे हैं । भारत में आतंकियों को आत्म – समर्पण कर मुख्य धारा से जुड़ने का प्रलोभन भी दिया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर उनका मुकाबला भी किया जाता है ।

उपसंहार आतंकवाद की समस्या मनुष्यों की बनाई हुई है , इसलिए आसानी से सुलझाई जा सकती है । जिस दिन अमेरिका की तरह पूरा विश्व दृढ़ संकल्प कर लेगा और आतंकवाद को जीने – मरने का प्रश्न बना लेगा , उस दिन यह धरती आतंक से रहित हो जाएगी ।

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