Amla khane Ke Fayde – आँवला खाने के फायदे हिंदी में

Amla khane Ke Fayde आँवला को आमलकी नाम से भी जाना जाता है । यह वैदिककाल से औषधि के रूप में व्यवहार में लाया जाता रहा है । आयुर्वेदिक ग्रंथों में भी बार – बार इसके प्रयोग की महिमा का गान हुआ है ।

Amla khane Ke Fayde – आँवला खाने के फायदे हिंदी में

महर्षि च्यवन को बूढ़े से जवान बना देने वाली महान औषधि के मुख्य द्रव्य आँवला को सभी जानते हैं । नारंगी , संतरा से भी कई गुना अधिक सर्वाधिक विटामिन ‘ सी ‘ आँवला में होता है । पाचनसंस्थान को स्वस्थ बनाने एवं यकृत को बल देने वाला आँवला च्यवनप्राश औषधि के रूप में जन – जन के लिए उपयोगी है । उदर रोगों को दूर कर जीवनीशक्ति को बढ़ाने के लिए आँवला सर्वश्रेष्ठ है ।

आँवले की चटनी , मुरब्बा , अवलेह , आँवलाचूर्ण के रूप में प्रयोग प्रचलित हैं । त्रिफला चूर्ण का एक घटक आँवला भी है । मुलेठी चूर्ण के साथ आँवला चूर्ण मिलाकर देने से अम्लपित्त ( हाइपर एसिडिटी ) में चमत्कारी लाभ मिलता है । आयुर्वेदिक गुण – आँवला त्रिदोषनाशक है ।

यह बलकारक , ग्राही , यकृत के लिए लाभदायक , रक्तपित्त , अम्लपित्त , शोथ ( सूजन ) , रक्त विकार एवं कब्ज दूर करने वाला तथा अरुचि मिटाने वाला है । इसमें जीवनीशक्ति बढ़ाकर शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य प्रदान करने वाला गुण होता है ।

सूखा आँवला आँखों एवं बालों के लिए हितकारक , धातुवर्द्धक , टूटी हड्डी जोड़ने में सहायक होता है । आँवला की मिठास पित्तजनक दोषों को दूर करती है , आँवला की अम्लता वातजनित दोषों को नष्ट करती है ।

इसमें विद्यमान कषैलापन कफ – दोषों को नष्ट करने में प्रभावी होता है । इस प्रकार आँवला त्रिदोषनाशक होता है ।

स्फूर्ति रहने के लिए

आँवले का उपयोग करने से शरीर के मृत कोश बाहर निकल जाते हैं , उनके स्थान पर नए स्वस्थ कोशों का निर्माण होता है । नए बलशाली शक्तिकोशों का निर्माण होने से नव- -स्फूर्तिमय स्वस्थ जीवन की प्राप्ति होती है ।

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मात्रा – ताजे फल का रस 25 मि.ली. ( प्रतिदिन सुबह – शाम ) , सूखे फल का चूर्ण 3 से 6 ग्राम ( प्रतिदिन सुबह – शाम ) ।

अधिक पसीना आने पर

विभिन्न रोगों में प्रयोग हथेलियों एव पैरों में अधिक पसीना आने पर – जिनके तलवों एवं हथेलियों में अधिक पसीना आता हो , उनके लिए आँवला बेहतर औषधि है ।

5 ग्राम आँवलाचूर्ण शहद के साथ सुबह – शाम सेवन करें तथा आँवला चूर्ण 10 ग्राम लेकर 400 मि.ली. पानी में उबालकर काढ़ा बनाएँ । ठंढा होने पर उस पानी से हथेलियों और तलवों को धोएँ ।

स्वप्न दोष को दूर करने के लिए

शुक्रप्रमेह , स्वप्नदोष तथा सिरदरद में आँवलाचूर्ण 10 ग्राम लेकर उसमें उतनी ही मात्रा में मिसरी पीसकर मिला लें । एक गिलास ठंढे पानी के साथ 21 दिन सेवन करने से लाभ मिलता है ।

बवासीर के रक्तस्त्राव में –

दही की मलाई के साथ आँवलाचूर्ण का सेवन करने से बवासीर का रक्तस्राव बंद हो जाता है ।

पेशाब में खून आने पर –

आँवले के रस के साथ मिसरी मिलाकर पीने से मूत्र के साथ खून आना बंद हो जाता है । अत्यंत कष्ट से रक्तमिश्रित पेशाब हो रही हो , तो आँवला के रस में गन्ने का रस बराबर मात्रा में मिलाकर थोड़ा शहद मिलाकर सेवन कराएँ ।

नाक से , मुख से या गुदा आदि से रक्तस्राव होने पर

  • 1. आँवला चूर्ण 5 ग्राम लेकर घी और मिसरी के साथ सुबह – शाम सेवन करने से रक्तस्राव के रोगों में लाभ होता है ।
  • 2. अनार के रस के साथ आँवला रस मिलाकर सेवन करने से खून की अनावश्यक गरमी शांत हो जाती है । रक्तस्राव बंद हो जाता है ।
  • 3. 200 ग्राम दही में 10 ग्राम आँवला चूर्ण मिलाकर या ताजा आँवला ( कद्दूकस ) मिलाकर , मिसरी के साथ सेवन करने से लाभ होता है ।
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हिचकी , उबकाई और कै में –

आँवले के रस में शहद या मिसरी मिलाकर सेवन करने से पित्त – विकृति के कारण उत्पन्न हिचकी , उबकाई , कै शांत हो जाते हैं ।

पीलिया और रक्ताल्पता में

ताजे आँवले का रस निकालकर उसमें गन्ने का ताजा रस और थोड़ा – सा शहद मिलाकर सुबह – शाम सेवन करने से पुराने ज्वर आदि के कारण उत्पन्न पीलिया या रक्त की कमी दूर होती है ।

अतिसार में

भावप्रकाश के अनुसार आँवले को जल में पीसकर , उसका नाभि के चारों और गोलाई में घेरा बना दें । घेरे के बीच में अदरक का रस भर दें , इससे भयानक अतिसार भी बंद हो जाता है ।

मूत्र में जलन तथा रुकावट में –

आँवले का रस 20 मि.ली. निकालकर उसमें मिसरी तथा इलायची का चूर्ण मिलाकर पीने से लाभ मिलता है ।

सुजाक में

आँवला चूर्ण का सेवन शीतल जल के साथ सुबह – शाम करने से लाभ मिलता है । आँखों की फूली एवं नेत्र रोगों में -10 ग्राम आँवला चूर्ण एक गिलास पानी में भिगोकर रखें ; प्रातःकाल उस पानी को छानकर ‘ आई वाशिंग कप ‘ ( आँख धोने का पात्र ) में डालकर आँखों को धोएँ , इससे आँखों की लालिमा तथा फूली मिटती है । नेत्र दृष्टि बढ़ती है ।

बाल धोने के लिए

बाल धोने के लिए – सूखे हुए 2-3 आँवले 2 गिलास पानी में डालकर रातभर रखें , प्रातः उन्हें मसल लें और छानकर उस पानी से बाल धोएँ । इससे बालों का झड़ना मिटता है । बालों का सफेद होना रुक जाता है । बाल काले , घने , मुलायम , रेशमी एवं मजबूत बनते हैं ।

ज्वर अवस्था में मुँह सूखना एवं अरुचि आँवला चूर्ण के साथ मुनक्का को पीसकर चटनी – सी बना लें या गोली बनाकर चूसने से मुँह सूखना एवं अरुचि मिटती है ।

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सोमरोग में

आँवले का रस , पका केला , शहद , मिसरी सबको मिलाकर सेवन करने से सोमरोग मिटता है ।

आँवले का शुद्ध हेयर ऑयल बनाने की विधि

1 लीटर तिल का तेल या नारियल का तेल लेकर उतनी ही मात्रा में आँवले का ताजा रस निकालकर ( आँवला को कस करके उसका रस निचोड़ लेते हैं । ) तेल में मिलाकर मंद आँच पर पकाएँ , जब तेल ही शेष रहे , तब उतारकर ठंढा करके , छानकर काँच की बोतल में भरकर रखें ।

यह तेल सिर में लगाने से बालों के सभी रोगों का निवारण होता है । बाल असमय सफेद हो रहे हों , तो इस रोग पर नियंत्रण हो जाता है

आँवले का मुरब्बा बनाने की विधि

आँवलों को कस लें और काँच के बरतन में डालकर शुद्ध शहद इतना डालें कि आँवले का गूदा पूरी तरह शहद में डूब जाए , बरतन को ढक दें ।

20 दिन तक इसे धूप में रखें । अब इसे 10 से 20 ग्राम नित्य सेवन करें । इससे पाचनशक्ति बढ़ती है तथा ब्लडप्रेशर नियंत्रित – संतुलित रहता है ।

कब्ज , सिरदरद , गैस , अपच रोग मिटते हैं । यदि मुरब्बा चीनी की चाशनी में बनाना चाहें तो आँवले के गूदे को चासनी में डालकर पका लेते हैं ।

अंतिम शब्द

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Update on May 22, 2021 @ 8:56 am

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