एग्जाम में कैसे लिखे – परीक्षा में लिखने का तरीका

एग्जाम में कैसे लिखे – परीक्षा में लिखने का तरीका

Exam me kaise likhe : तैयारी के विभिन्न चरणों से गुजर चुके छात्रों के सामने अब अगली चुनौती परीक्षा भवन में प्रश्नों के सही उत्तर देने की है। वेइसी उधेड़बुन में होंगे कि किस तरह से प्रश्नों के जवाब लिखें कि उन्हें पूरे अंक मिल जाएं ।

शुरू करें लिखना

परीक्षा भवन में बैठने से पूर्व छात्रों को यह भय सताता है कि पता नहीं प्रश्नपत्र किस तरह का आएगा , मैं सारे प्रश्न हल कर पाऊंगा कि नहीं । कई बार छात्र आपस में बात करके भी नर्वस होने लगते हैं ।

उन्हें लगता है कि शायद मेरी तैयारी उस स्तर की नहीं है । ये सारी बातें छात्रों की एकाग्रता को भंग करती हैं । इन सब के बीच एग्जाम हॉल फोबिया से खुद को बचाते हुए छात्रों को कई सकरात्मक कदम उठाने पड़ते हैं ।

प्रश्नों का जवाब पता होना और उन्हें आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना भी एक कला है । यह तरीका छात्रों को अंकतो दिलाता ही है , परीक्षक पर भी सुनहरा प्रभाव डालता है ।

ध्यान से पढ़ें सभी निर्देश

एग्जाम हॉल में प्रश्नपत्र मिलते ही अधिकांश छात्र जल्दी जल्दी उसे पढ़कर लिखने में लग जाते हैं । इससे उन्हें कई घुमावदार प्रश्नों का या तो जवाब नहीं पता चल पाता या वे उसका गलत उत्तर लिख देते हैं ।

ऐसे में छात्रों को सलाह दी जाती है कि प्रश्नपत्र पर दिए गए दिशा – निर्देशों को पहले 10 मिनट गंभीरतापूर्वक पढ़ लें । इस दौरान यह सुनिश्चित कर लें कि उन्हें कितने सवालों के जवाब भली – भांति पता हैं । जो प्रश्न नहीं आ रहे हैं , उन्हें लेकर तनाव न पालें हो सकता है कि आंशिक ही सही , पर उनका जवाब पता हो ।

प्रश्नों के लिए समय का बंटवारा करें

आपके पास कितना समय है और कितने प्रश्नों के उत्तर देने हैं , इसको समझकर समय का विभाजन करें । यानी हर प्रश्न को समय के हिसाब से बांट लें। क्योंकि छात्रों की दुर्बलता होती है कि जिस प्रश्न का जवाब उन्हें ठीक ढंग से पता होता है

वे उसको चौड़ा लिखते हैं । इसके चलते अगले प्रश्नों के लिए उनके पास समय बहुत कम बचता है । पहले ही समय के दायरे में बंधे होंगे तो भटकाव की स्थिति नहीं आएगी ।

शुरुआत उन्हीं प्रश्नों से करें जिनका जबाव अच्छे से पता हो । लिखते समय शब्द सीमा का ध्यान रखें । खूब लंबा ज्यादा काट – पीट करना ठीक नहीं हर परीक्षक साफ – सुधरी उत्तरपुस्तिका ( आंसर शीट ) को पसंद करता है ।

ज्यादा काट – कूट या अस्पष्ट तरीके से लिखी गई कॉपी बहुत अच्छा प्रभाव नहीं डाल पाती। इसलिए छात्र उत्तर लिखते समय ज्यादा काट – कूट न करें ।

यह आदत छात्रों के भटकाव को भी प्रदर्शित करती है । अहम पंक्तियों को रेखांकित करें हर उत्तर में कई ऐसे महत्वपूर्ण बिंदु होते हैं , जो परीक्षक को प्रभावित करते हैं । इन्हें वैल्यू पॉइंट कहा जाता है ।

उत्तर लिखते समय छात्र इन्हें या तो अंडरलाइन कर दें या किसी और कलर से लिखें

, ताकि ये बाकी पंक्तियों से अलग नजर आएं । कई बार परीक्षक इन्हीं वैल्यू पॉइंट को पढ़कर पूरा अंक दे देते हैं । इसके अलावा हर उत्तर के बाद लाइन खींचना न भूलें ।

Funny उत्तर को चित्रों से सजाएं जहां जरूरी हो छात्र अपने उत्तर को चित्रों और डायग्राम से सजाएं । डायग्राम बनाते समय पेंसिल का प्रयोग करें ।

बायोलॉजी , भूगोल और कई अन्य ऐसे विषय हैं , जिनमें चित्रों की दरकार होती है । हेडिंग हमेशा दूसरे रंगों से ही डालें । थोड़ी सी समझदारी से छात्र पेपरों में अच्छे अंक अर्जित कर सकते हैं ।

अंत में कॉपी जरूर चेक करें

जिस एकाग्रता से आपने उत्तर देना शुरू किया था , उसी भाव से यदि समाप्ति भी हो जाए तो फिर क्या कहने ।

हालांकि इस दौरान समय की कमी , जवाब का मालूम नहोना या व्यर्थ का तनाव हावी होना जैसी कई दिक्कतें आ सकती हैं । परंतु असली जीत तो उन दिक्कतों से पार पाने में है ।

अंतिम समय में हड़बड़ाहट में कई सारी चीजें छूट जाती हैं । ऐसे में छात्र अंतिम पांच मिनट अपनी कॉपी चेक करने में लगाएं ।

काम आएंगे ये 5 आवश्यक टिप्स

  1. अपना आत्मविश्वास न गिरने दें
  2. प्रश्नों को गंभीरतापूर्वक पढ़ें
  3. सीरियल ऑर्डर में लिखें उत्तर
  4. प्रश्नपत्र पर कुछ न लिखें
  5. जितना जरूरी हो , उतना ही लिखें

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