Flutter क्या है – यह कैसे काम करता है Flutter Explain In Hindi

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Flutter क्या है - यह कैसे काम करता है Flutter Explation In Hindi

Flutter क्या है : आज के इस technology के युग में मोबाइल applications की लोकप्रियता दिन प्रति दिन बढ़ते जा रही है इस वृद्धि के साथ , नए और more powerfull tools मोबाइल के विकास प्रक्रिया को और भी सुबिधा जनक बनाने में अपना सहयोग प्रदान कर रही है।

जैसे एक उदहारण से समझने की कोशिश करें तो आज हम social media app , online education app आदि का इस्तेमाल करते हैं लेकिन क्या आपको पता है इन सभी app को बनाने के लिए अलग अलग platforms जैसे android ,ios और windows ,macos के लिए अलग अलग technlology का उसे किया जाता है जैसे android app को develop करने के लिए Java / Kotlin और ios app के लिए swift का इस्तेमाल किया जाता है।

एक प्रकार के app को अलग अलग तरीको बनाने में ज्यादा समय , ज्यादा पैसे और ज्यादा लोगो की जरुरत पड़ती है। इसी problem को overcome करने के लिए एक “Flutter ” नाम का toolkit जो cross – building प्लेटफार्म tool है , धीरे application development इंडस्ट्री अपना जगह बना रहा है।

तो आज के इस article में हम Flutter पर ही खूब चर्चा करेंगे , अवलोकन भी करेंगे और जानने की कोशिश करेंगे की flutter क्यों इतना important है, ये क्या है, इसका इस्तेमाल क्या है के साथ साथ एक मूल application भी बनाएंगे इत्यादि। इस पोस्ट को पढ़ने के बाद flutter को अच्छी तरह से जान पाएंगे।

Flutter क्या है – Flutter Explation In Hindi

Flutter एक open source Software Development Kit (SDK) जिसका इस्तेमाल beautiful application बनाने में किया जाता है जो किसी एक ही device पर compile होकर सभी device (मोबाइल, desktop , web )में easily run हो सके वो भी एक single codebase के sath. मतलब एक ही code से बनाये गए application android , ios mobile रन होगा। पहले क्या होता था की android और ios के लिए अलग अलग application develop किया जाता था पर अब flutter के साथ app develop करने पर , एक application android और ios में एक साथ सपोर्ट कर पायेगा।

Flutter को google के द्वारा maintain किया जाता है। इसका इस्तेमाल cross platform application को build /develop करने के लिए किया जा रहा है जो की सभी टाइप के स्क्रीन जैसे mobile , web , tablets इत्यादि को support करेगी।

जैसे अगर आपने एंड्राइड में कोई app develop किया है तो आपको पता होगा की वहां पर दो तरह के कोड का इस्तेमाल करते हैं जैसे Layout को design करने के लिए Xml का और कोई functionality देने के लिए Java /Kotlin का इस्तेमाल करते हैं। और उसमे view और widget जैसे terms से अवगत तो होंगे ही और नहीं तो कोई बात नहीं। मैं आपको पूरी तरह से समझने की कोशिश करूँगा।

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Flutter में pre -Built Widgets का large collection है जैसे मैंने कहा widget जो आपके मोबाइल के डिज़ाइन को बेहतर और Layout को और भी सुन्दर बनाने के लिए किया जाता है। इसमें rows ,column , stack , padding , और center जैसे term होते हैं। इस widget functionality के कारण flutter हमें single codebase प्रदान करता है मतलब हमे android की तरह अलग अलग codebase maintain न करना पड़ता है , flutter में layout और functionality वाले code को एक ही कोड में maintain करते है। यहाँ पर xml और जावा के अलग अलग file बनाने की जरुरत न पड़ती है।

इसका मतलब यह है कि आपके Ios ऐप और Android ऐप के लिए अलग-अलग codebase होने के बजाय, flutter में  सभी अलग-अलग प्लेटफ़ॉर्म के लिए एक codebase होता है।

कुछ कंपनियां जो flutter का उपयोग करती हैं

  • Google
  • Groupon
  • Alibaba
  • Square
  • eBay and more.

Flutter में अनिवार्य रूप से दो भागों होता हैं:

  • सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट (SDK ):आपके application को develop करने में आपकी सहायता करने वाले tools का एक संग्रह। उदाहरण के लिए, आपके पास ऐसे tools होंगे जो आपके कोड को iOS और Android में support करने के लिए natively compile करता हैं।
  • फ्रेमवर्क: Widget , या UI elements का एक संग्रह, जिसे आप अपने application कोdevelop करने के लिए जोड़ सकते हैं।

नोट:- यह जानना महत्वपूर्ण है कि Flutter एक प्रोग्रामिंग भाषा नहीं है। अपने Flutter ऐप को बनाने के लिए, आप Dart नामक एक प्रोग्रामिंग भाषा का उपयोग करते है , जो Google द्वारा भी बनाई गई है। और यदि इसके Syntax को देखें तो , इसका Syntax javascript के समान है।

Flutter के फायदे (Advantages )

  • Faster इन development: – Flutter quick compilation को सपोर्ट करता हैं। मतलब की आपने कोड में changes करते समय ही changes को स्क्रीन पर देख सकते है जिसे realtime changes या हॉट reloads कहते हैं।
  • Cross-platform: इसका मतलब यह है कि आपके Ios ऐप और Android ऐप के लिए अलग-अलग codebase होने के बजाय, flutter में  सभी अलग-अलग प्लेटफ़ॉर्म के लिए एक codebase होता है। यह बहुत ही उपयोगी है क्योंकि यह Developers को अपने app development के समय में बड़े पैमाने पर कटौती करने की अनुमति देता है।
  • स्टार्टअप्स(Startups):Android app और Ios app के अलग अलग codebase बनाने और maintain करने के बजाये , Flutter के साथ application डेवलपमेंट करना बहुत सस्ता और कारगर साबित होता है। Flutter में आप widgets के उपयोग के माध्यम से सुंदर UI के साथ MVPs(Model View Presenter) को जल्दी से Prototype करने की अनुमति देता है।
  • दस्तावेज़ीकरण और समुदाय(Documentation and community):किसी भी प्रोग्रामिंग language को robust करने के लिए या उसका उल्लेख करने के लिए एक robust /strong documentation का होना बहुत जरुरी होता है। Google ने बहुत ही बड़ा ,development , testing और debugging, performance, के लिए Flutter को cover करने के लिए Tutorials और Documentation develope किया है।

Flutter Limitations

  • लाइब्रेरी(Libraries):Google Flutter के लिए व्यापक रूप से बहुत ज्यादा समर्थन प्रदान करता है, हालांकि Flutter SDK अभी भी अपेक्षाकृत नया है, और कुछ Functionality अभी भी missing है। जैसे Third party Libraries और Widgets की कमी है , जिसका अर्थ है कि उपयोग करने के लिए Widgets का एक अपेक्षाकृत सीमित सेट है, जिसका अर्थ है कि developers को बाहरी widget tools स्वयं बनाने की आवश्यकता है।
  • एकीकरण(Integrations):- जैसे Native android और ios platform पर app development के लिए इनके पास prebuilt solutions है जो इनको CI platform like Travis या Jenkins इत्यादी के साथ integration का अनुमती प्रदान करता हैं। जबकि Flutter में भी ऐसा करने की जरुरत है।
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Flutter का मूल सिद्धांत (Core principles in Flutter)

  • Widgets की समझ(Understanding widgets):- Widgets Flutter UI के basic building block हैं। कई अन्य frameworks  के विपरीत, जो अलग-अलग views, layouts, view controllers अन्य elements हैं, Flutter एक consistent, unified object model offers करता है जो है the widget. जैसे एक उदाहरण से समझे तो जैसे react में widgets hierarchy बनाते है और एक के अंदर एक nested हो जाते हैं। और अपने parent widget की properties को भी inherit करते हैं। जैसा कि ऊपर लगे image में देख सकते है, मान लें कि हम एक basic Flutter application develop कर रहे हैं। पूरे app में सब कुछ root widget के अंदर सम्‍मिलित होगा। root widget के भीतर, आपके पास एक appbar widget होगा है, जिसमें text widget होगा है। फिर, आपके पास एक container widget हो सकता है जो root widget में निहित होगा, जिसमें एक और text widget है। अधिकांश application बहुत अधिक जटिल होंगे, लेकिन इस सरल उदाहरण के आधार पर, आप एक widget tree की कल्पना करना शुरू करके application को develop कर सकते हैं। कुछ widget जो Flutter toolkit के साथ pre-build होते हैं, जैसे उदाहरण के लिए निचे दिए गए image में देख सकते हैं।
  • ढांचा(The Framework):- प्रत्येक layers खुद के साथ निर्माण, Flutter framework को layers में organize किया जाता है। . जैसा कि ऊपर दिए गए image में देख सकते है, Flutter की  low-level layer,  इसका इंजन है, जिसे C ++ का उपयोग करके बनाया गया है। इंजन Google की Graphics library Skia का उपयोग करते हुए low-level rendering प्रदान करता है। ऊपरी layer पर framework है, जिसे Dart Programming Language में लिखा गया है जो की collection of libraries provide करता है जो animation, gestures, rendering, widgets को support करता है। ऊपरी layer, lower Layer के मुकाबले , बहुत अधिक बार इस्तेमाल किया जाता है।

तो दोस्त! मुझे लगता अब तक आपको Flutter Framework के बारे में बहुत जानकारी मिल चुकी होगी और आशा करता ये पोस्ट पसंद भी आएगी। अगर आपको इस पोस्ट में कोई त्रुटि है या पोस्ट बहुत पसंद तो आप हमारे पोस्ट के comment section में अपनी राय रख सकते हैं। धन्यबाद !

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