नयी शिक्षा नीति 2020 क्या है ? क्या – क्या हुआ बदलाव शिक्षा नीति में

0
8

नयी शिक्षा नीति 2020 क्या है।

देश की नयी शिक्षा व्यवस्था में इस बार काफी बड़ा बदलाव हुआ है , यह बदलाव 34 साल बाद केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी के बाद कराई गयी है। नयी शिक्षा व्यवस्था की नीति की मंजूरी केंद्र सरकार द्वारा बुधवार को दे दी गयी। नयी शिक्षा नीति में काफी स्तर पर बदलाव किये गए है , शुरुवाती शिक्षा को भी बदल दिया गया है ,हायर एजुकेशन के लिए सिंगल रेगुलेटर रहेगा (लॉ और मेडिकल एजुकेशन को छोड़कर)। उच्च शिक्षा में 2035 तक 50 फीसदी GER पहुंचने का लक्ष्य है।

एजेन्डा (कार्यसूची)

आइये सबसे पहले जानते है इसके एजेन्डा ( कार्यसूची ) के बारे में जैसे की यह निति किन किन चीजों पर focus करेगी , क्या क्या इसके मिशन है और क्या बड़ा बदलाव लाएगी | आइये एक एक करके सभी points को समझते है और इसपर चर्चा करते है :-

  • दृष्टि और प्रमुख सिद्धांत(Vision and Key Principles)
  • बचपन की देखभाल और शिक्षा के लिए सार्वभौमिक पहुँच (ECCE)(Universal Access and Early Childhood Education)
  • बच्चे कैसे सीखेंगे – पाठ्यक्रम और शैक्षणिक संरचनाएँ(How children will Learn – Curricular and Pedagogic structures)
  • पाठ्यक्रम – सीखने का परिणाम – योग्यताएँ(Curriculum – Learning Outcomes – Competencies)
  • विद्यालय – परिसर – प्रत्यायन(Schools – Complex – Accreditation)
  • शिक्षक – शिक्षा और विकास(Teachers – Education and Development)
  • एनईपी – नई सुविधाएँ(NEP – New Features)
  • मुख्य फोकस क्षेत्र – इक्विटी – लिंग – विशेष आवश्यकताएं(Key Focus Areas – Equity – Gender – Special Needs)
  • लक्ष्य और कार्यान्वयन योजना(Goals and Implementation Plan)

दृष्टि और प्रमुख सिद्धांत (Vision and Key Principles)

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का vision और किन किन मुख्य सिद्धांत पर काम करेगी , है आइये जानते है :-

  • इसके दवारा एक ऐसी शिक्षा प्रणाली की पद्धति को विकसित करने की कोशिश की जा रही है जो सभी को शिक्षा का उच्च गुणवत्ता प्रदान करके, एक न्यायसंगत और जीवंत ज्ञान समाज में योगदान करेगी |
  • दूसरा मत यह है की इस शिक्षा प्रणाली से मौलिक अधिकारों के प्रति सम्मान और उसके साथ साथ क्या आपकी भावनाये होनी चाहिए इसके बारे में रूबरू किया जायेगा |
  • इन सबके आलावा आप क्या जिम्मेवारियाँ होनी चाहिए एक दूसरे के प्रति , देश के प्रति , और बदलती दुनिया के प्रति, इसके आलावा आपके कर्तव्य क्या है आपकी भूमिका क्या है अपने प्रति और देश के प्रति और संबैधानिक मूल्यों को समझना इत्यादि
  • जिम्मेदारियों का समर्थन करने वाले कौशल, मूल्य, और निपटान
  • मानव अधिकारों के लिए प्रतिबद्धता, सतत विकास और जीवित, और वैश्विक कल्याण
READ  " Big Boss 14 " Reality show में यूटूबर Carryminati बन सकते है हिस्सा

एनईपी – नई सुविधाएँ(Key Principles of NEP)

  • विविधता एवं स्थानीय प्रसंग के लिए सम्मान – इसमें आपको यानि इस पाठ्यक्रम में, शिक्षाशास्त्र, और नीति के ज्ञान पर ज्यादा फोकस किया जायेगा और बताया जायेगा।
  • इक्विटी एवं समावेश – निष्पक्षता एवं न्यासंगत के साथ शैक्षिक निर्णय। मतलब जो भी निर्णय लिया जायेगा सभी की आधारशिला के रूप को मानकर लिया जायेगा।
  • सामुदायिक भागीदारी – परोपकारी, निजी और समुदाय भागीदारी के लिए प्रोत्साहन और सुविधा होगी ।
  • प्रौद्योगिकी का उपयोग – इसके तहत जो भी सिखने और शिक्षा ग्रहण करने में जो भी अवरोध जैसे की दिव्यांग छात्रों के लिए भाषा अवरोध, को हटाने की पूरी कोशिश की जाएगी। और साथ ही educational planning और management की वयवस्था की जाएगी।
  • वैचारिक बल देना – मतलब की actual में आपने क्या सीखा है या आप क्या सिख रहे हो exams के लिए , यानि की rote learning (रट्टा मार ) के वजाए सिखने और समझने पर बल दिया जायेगा।
  • अद्वितीय क्षमताएं – सभी छात्रों की पहचान करना की किनके पास कितनी capability है|
  • गंभीर सोच और रचनात्मकता – ऐसे छात्रों को तार्किक निर्णय लेने और नवाचार को प्रोत्शाहित किया जायेगा ताकि ये self encourage हो और इनका तार्किक निर्णय और बढे|
  • बनाने और खोज करना – शैक्षिक विशेषज्ञ के द्वारा निरंतर अनुसंधान के आधार पर और द्वारा नियमित मूल्यांकन ।

बचपन की देखभाल और शिक्षा के लिए सार्वभौमिक पहुँच

मानव संसाधन विकास, महिला और बाल विकास (डब्ल्यूसीडी), स्वास्थ्य और परिवार कल्याण (एचएफडब्ल्यू), और जनजातीय मामलों के मंत्रालयों द्वारा संयुक्त रूप से लागू किया जाएगा।

  • सार्वभौमिक पहुँच – 3-6 साल के बच्चों के लिए मुक्त, सुरक्षित, उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षा ईसीईसी के द्वारा आंगनवाड़ी / प्री-स्कूल / Balvatika में प्रबंधन किया जायेगा।
  • प्रारंभिक कक्षा
  • 5 साल की उम्र से पहले हर बच्चा को “Preparatory Class” या “बालवाटिका” में जाना prior रखा गया है। ( कक्षा 1 से पहले)
  • मूलभूत प्रशिक्षण पाठ्यक्रम – 3-8 आयु वर्ग के लिए दो भागों में विभाजित:
    • ईसीसीई में 3-6 वर्ष की आयु और
    • आयु 6 से प्राथमिक स्कूल में कक्षा I और II में 8
  • बहुआयामी – लचीला, बहु-स्तरीय, खेल-आधारित, गतिविधि-आधारित, और पूछताछ आधारित शिक्षा
READ  COVID-19 prevention: चाइना ने मुख्य अपडेट जारी किया COVID-19 prevention, control guidelines

सभी स्तरों पर शिक्षा के लिए सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करना

सभी बच्चों तक पहुंच और अवसर सुनिश्चित करना

  • एकाधिक रास्ते – सिखने के लिए कई रास्ते हो सकते हैं जैसे की औपचारिक और गैर-औपचारिक दोनों शिक्षा मोड शामिल हैं|
  • स्कूलों का निर्माण – स्कूलों के निर्माण के लिए सरकारी और गैर-सरकारी दोनों तरह के परोपकारी संगठनों को बढ़ावा देना
  • सिखने का परिणाम – सभी स्तरों पर वांछित सीखने के परिणामों को प्राप्त करने पर फोकस होगा
  • ड्रॉप-आउट वापस – इस सुबिधा के तहत आप ड्राप आउट करने के बाद भी स्कूल या कॉलेज को ज्वाइन कर सकते है और वही से जहा से अपने सीखना छोड़ा था।
  • वैकल्पिक केंद्र – वैकल्पिक और नवीन शिक्षा केंद्र की सुबिधा की जायेगा जहा से कुछ एक्स्ट्रा जानकारी जुटा पाएंगे और सिख पाएंगे।
  • पीयर ट्यूटरिंग – सभी श्रेणियों के व्यवसाय और व्यक्तिगत प्रस्तुति के लिए उपयुक्त जो भी ऑनलाइन क्लासेज है उसे 8 भाषाओँ में भी प्रस्तुत किया जायेगा।

अपेक्षित परिणाम (Expected Outcomes)

अपेक्षित परिणाम क्या हो सकते है आइए इसे जानते है :

  • पहुँच का सार्वभौमीकरण – ECCE से माध्यमिक तक
  • इक्विटी और शामिल किए जाने सुनिश्चित करें
  • स्कूल के 2 करोड़ बच्चों को वापस लाना
  • माध्यमिक शिक्षा पूरी होने तक सभी बच्चों को स्कूलों में बनाए रखने के एसडीजी लक्ष्यों को प्राप्त करना
  • सीखने के परिणामों की गुणवत्ता और उपलब्धि में सुधार करना – मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता (FLN)
  • शिक्षण, सीखने और मूल्यांकन में 21 वीं सदी के कौशल पर ध्यान दें
  • संसाधन साझाकरण- स्कूल परिसर
  • प्रभावी शासन – शक्तियों और सामान्य मानदंडों का पृथक्करण
  • सीखने में भाषा की बाधा पर काबू पाना
  • सार्वजनिक और निजी स्कूल शिक्षा के लिए सामान्य मानक

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here