हमारा देश भारत पर निबंध Our Country India Essay In Hindi

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नमस्कार दोस्तो आज के इस Post मे हम आपके लिये हमारा देश भारत पर निबंध {Our Country India} Essay In Hindi को लेकर आये उम्मीद करते है , कि आपको आज का Post पसंद आये ।


हमारा देश भारत ( Our Country India ) Essay In Hindi


भूमिका हमारा देश भारत जो की एक विशाल देश है ,और साथ ही यह विकाशशील देश है ,” जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी ” . अर्थात् माता और मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर है । माता हमें जन्म देती है । अनेक कष्टों को सहकर हमारा लालन – पालन करती है ।

ठीक हमारा देश और इसकी मिट्टी भी हमारे लिए वैसा ही है । इस संसार में जितना भी देश है , सब अपने देश को अच्छा मानते हैं लेकिन हमारे देश भारतवर्ष को सब अच्छा मानते हैं । जगत गुरु के रूप में विश्व में सभ्यता का विकास ठीक से हुआ भी नहीं था . तब हमारे देश में वेदों की रचनाएँ हो रही थी । उपनिषदों की रचना हुई थी । । जिससे मानव समाज को नया दर्शन मिला था । तभी तो कहा गया है |

है क्या कोई देश यहाँ से जो न जिया है ? सदुपदेश – पीयूष सभी ने यहाँ पिया है

सियारामशरण गुप्त की यह पंक्तियाँ गुरु के रूप में ज्ञान का अमृत पिलानेवाला यह देश विश्व को गणित , विज्ञान , आध्यात्म , चिकित्सा , अर्थशास्त्र आदि की शिक्षा । दिया । चाहे वह देश पश्चिम का हो चाहे अरब , यूनान , रोम , चीन ।

विश्व के मानचित्र परयह वह देश है | जहाँ देवता भी बार – बार जन्म लेकर धन्य हुए । यह वह पवित्र भूमि है जहाँ विश्व भर से यथा – मैगास्थनीज , ह्वेनसांग , फाह्यान आदि यात्री कष्टकर यात्राएँ करके पधारे । अनेक देश हमारे देश का ऋण । उत्तर में सर्वोच्च हिमालय इस देश की शोभा बढ़ा रहा है । दक्षिण में समुद्र इसक पैर पखारता है । हृदय स्थली हरी – भरी धरती और मोतियों की माला की तरह मी पानी से भरी नदियाँ और अनेक तीर्थस्थल आदि से ही हमारा भारत महान है ।

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भारत नाम कैसे पडा ‌- हमारे देश का यह नाम सूर्यवंशी राजा ‘ भरत ‘ के नाम पर पड़ा । ‘ भरत ‘ दुष्यंत और शकुंतला के पुत्र थे । उनके नाम पर यह देश भारत कहलाया । भारत के अतिरिक्त इसे हिन्दुस्तान, इंडिया, आर्यावर्त्त आदि नामों से भी जाना जाता है ।

यह वह देश है जहाँ सिंधु घाटी की नगरीय सभ्यता का विकास हुआ । यह वह पवित्र भूमि है जहाँ हिन्दू संस्कृति फली-फूली और वेदों की ऋचाएँ लिखी गई । कृष्ण, राम, गौतम बुद्ध, महावीर और नानक इसी भूमि पर अवतरित हुए । इसी धर्मभूमि पर कबीर, रविदास, तुलसीदास, गालिब, रहीम, सूरदास, गाँधी जैसे संत और कवि जन्मे । यहीं पर धर्म ने अपनी ऊँचाइयों को छूआ ।


हमारा देश भारत का भ्रमण विश्व प्रमण के समान प्रकृति का सारा सौंदर्य इस देश की सम्पति है । केसर की क्यारियाँ भरा स्वर्ग सा कश्मीर , ताजमहल आठवें आश्चर्य के रूप में । अजन्ता , एलोरा की गुफाएँ , कुरूक्षेत्र , अयोध्या , ब्रज , नालंदा , मथुरा , लखनऊ , दिल्ली आदि विविध स्मृतियाँ संजोए है । जिसे दर्शनार्थ दुनियाँ के कोने – कोने से शैलानी आ – आकर इस बात का साक्षी बनते हैं कि , भारत भ्रमण विश्व भ्रमण के समान हैं ।

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हमारे देश की नयी शुरुवात ‌- हमारा देश भारत की नयी शुरुवात 15 अगस्त 1947 को हुई . जब सालो बाद गांधी जी के नेतृत्व में हमें आजादी मिली. हिंदी को राष्ट्रिय भाषा बनाया गया , मोर को राष्ट्रिय पक्षी। भारतीयों पर से ब्रिटिश इंडियन होने का धब्बा हटा। हर भारतीय को उसका हक़ मिला।


हमारे देश मे राष्ट्रिय एकता – हमारा देश भारत जो की अनेकताओं का देश है , हमारे यहाँ अनेक धर्म जाती के लोग एक साथ निवास करते है , हमारे यहाँ अलग अलग प्रकार के पहनावे , अलग तरीके के खाना खाने वाले लोग पाए जाते है। हमारे देश में अनेक सम्प्रदाय के लोग निवास करते है , और साथ में सभी एक साथ निवास करते है , मुसीबत के घडी में सभी साथ खड़े होते है , लेकिन कुछ ना समझ लोगो के वजह से हमारी राष्ट्रिय एकता में कमी आती है , लेकिन उसे भी हमारे देश के लोग सम्भाल लेते है। बुद्ध की इस धरती पर सभी लोग एक साथ रहते है। और यही हमारे लिए बहुत बड़ी बात है।


उपसहार भारत नहीं स्थान का वाचक , गुण – विशेष नर का है । एक देश का नहीं , शील यह भूमंडल का है । गुलामी समाप्त होने के बाद हमारा भारत संसार का सबसे मजबूत लोकतंत्र । बनकर उभरा , जिसकी आज सब देश प्रशंसा करते हैं । मंद गति से ही सही लेकिन । दृढ़ता से विकासोन्मुख है । बाधाएँ आना प्रकृतिस्थ है । आतंकवादी घटनाएँ मानवता को शर्मसार कर जाती है । परन्तु विश्वास है कि मेरे इस महान देश की आजादी को कोई भी देश झपट नहीं सकता है ।

मेरा देश महान

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