इटली के एकीकरण में मेजिनी , काबूर और गैरीबाल्डी के योगदानों को बताएँ ?

उत्तर – मेजिनी – साहित्यकार , गणतांत्रिक विचारों का समर्थक और योग्य सेनापति था । 1820 ई ० में राष्ट्रवादियों ने एक गुप्त दल ‘ कार्बोनरी ‘ की स्थापना की थी जिसका उद्देश्य छापामार युद्ध द्वारा राजतंत्र को समाप्त कर गणराज्य की स्थापना करना था । कार्बोनरी के असफल होने पर मेजिनी ने अनुभव किया कि इटली का एकीकरण कार्बोनरी की योजना के अनुसार नहीं हो सकता है । 1831 में उसने ‘ युवा इटली ‘ नामक संस्था की स्थापना की जिसने नवीन इटली के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी । ‘ युवा शक्ति ‘ में मेजिनी का अटूट विश्वास था । युवा इटली संस्था का मुख्य उद्देश्य था — इटली की एकता एवं स्वतंत्रता की प्राप्ति तथा स्वतंत्रता , समानता और जन – कल्याण के सिद्धांत पर आधारित राज्य की स्थापना करना ।

काउंट काबूर – काबूर एक सफल कूटनीतिज्ञ एवं राष्ट्रवादी था । वास्तव में काबूर के बिना मेजिनी का आदर्शवाद और गैरीबाल्डी की वीरता निरर्थक होती । काबूर इन दोनों के विचारों में सामंजस्य स्थापित किया ।

ज्यूसप गैरीबाल्डी– ज्यूसप गैरीबाल्डी नीस नगर में 1807 ई. में जन्म । उसके पिता व्यापारिक जहाज में एक अधिकारी थे अतः उसे भूमध्य सागर की यात्राओं का अनुभव था। इन यात्राओं से वह इटली के राष्ट्रभक्तों के सम्पर्क में आया। एक नौ सैनिक विद्रोह में भाग लेने पर उसे मृत्युदण्ड मिला किन्तु वह दक्षिणी अमेरिका भाग गया। वहां उसने छापामार युद्ध का प्रशिक्षण प्राप्त किया।

            1854 में इटली लौटने पर उसने केप्रीरा टापू खरीद लिया (इसी के कारण नेपल्स व सिसली इटली में शामिल हुए) । गैरीबाल्डी ने लाल कुर्ती नामक देशभक्तों का संगठन बनाया। 1000 लाल कुर्ती वाले स्वयंसेवको का दल बना 5 मई 1860 को सिसली पर आक्रमण कर दिया। इंग्लैण्ड की अप्रत्याशित सहायता से उसने विजय प्राप्त कर स्वयं को अधिनायक घोषित कर दिया।

रोम पर आक्रमण करने से कावूर ने उसे रोक दिया तथा विक्टर एमेनुअल से समझौता करा कर नेपल्स और सिसली को इटली में समाहित करना स्वीकार कर लिया और अपना शेष जीवन किसान के रूप में व्यतीत किया।