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झारखण्ड राज्य के निर्माण की मांग वस्तुतः आजादी से पूर्व से ही की जा रही थी । अलग झारखण्ड राज्य का प्रस्ताव 25 अप्रैल 2000 को बिहार विधानसभा द्वारा मंजूर किया या । 2 अगस्त 2000 को लोकसभा द्वारा तथा 11 अगस्त 2000 को राज्यसभा द्वारा अलग झारखण्ड राज्य विधेयक पारित किया गया । 25 अगस्त 2000 को राष्ट्रपति के आर ० नारायणन द्वारा अलग झारखण्ड राज्य के गठन की घोषणा के फलस्वरूप बिहार से झारखंड15 नवम्बर 2000 को 28 वें राज्य के रूप में झारखण्ड अस्तित्व में आ गया।  इस राज्य का प्रथम राज्यपाल एवं प्रथम मुख्यमंत्री होने का गौरव क्रमशः प्रभात कुमार एवं बाबू लाल मरांडी ने हासिल की । यह एक आदिवासी बहुल राज्य है । हालाँकि शिक्षा के मामले में यह राज्य काफी पिछड़ा है , परन्तु उद्योग – घंघो की इस नए राज्य में काफी अच्छी स्थिति है । खनिज सम्पदा के मामले में भारत की हृदय स्थली कहा जाने वाला यह प्रदेश अपने प्राकृतिक सौन्दर्य के साथ ही ऐतिहासिक औद्योगिक एवं धार्मिक महत्व के अनेक स्थानों की दृष्टि से पर्यटकों का भी पसन्दीदा स्थल होगा ।

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