बिहार की प्रमुख नदियाँ – Rivers Of Bihar

बिहार की प्रमुख नदियाँ – Rivers Of Bihar

गंगा

गंगा उत्तराखंड के उत्तर काशी जिले के 5611 मीटर ऊँचे गंगोत्री ग्लेशियर से भगीरथी के नाम से निकलती है ।

बिहार तक पहुँचते पहुँचते गंगा नदी में धौली , पिण्डार , अलकनंदा , मंदाकिनी , रामगंगा , यमुना , गोमती और घाघरा नदियाँ मिल जाती हैं ।

गंगा भोजपुर और सारण जिलों की सीमा बनाती हुई बिहार में प्रवेश करती है । यहीं गंगा में उत्तर से आने वाली सरयू ( घाघरा ) और दक्षिण से आने वाली सोन नदियाँ मिलती हैं ।

दक्षिण से बहकर गंगा में मिलने वाली नदियों में चौसा के पास कर्मनाशा , बक्सर के पास ढोरा , थोड़ा पूर्व में काब , छेर , बनास , मनेर के पास सोन , फतुहा के समीप पुनपुन , सूर्यगढ़ा के पास फल्गु , मोहिनी , धनऊन , किउल , थोड़ा पूर्व में मुहाने , भागलपुर के निकट बडुआ चानन , कहलगाँव के पास धोधा , गेरुआ , काआ और थोड़ा दक्षिण पूर्व में गुमानी नदियां आकर मिलती हैं ।

पटना से आगे सारण और वैशाली जिलों की सीमा बनाती गण्डक नदी गंगा में सोनपुर में मिलती है । कुछ आगे बहने पर गंगा से मुंगेर के उत्तर में बागमती , कुरसेला के पास कोसी , मनिहारी के निकट काली कोसी तथा थोड़ा पूर्व में बहने पर पनार और महानंदा उत्तर से आकर मिलती हैं ।

सरयू या घाघरा

इसका उद्गम स्थल नाम्पा ( नेपाल ) में है । उत्तर प्रदेश के मैदानी भागों में तीव्र गति से बहती हुई सरयू नदी सीवान जिले के समीप बिहार में प्रवेश करती है और छपरा के निकट यह गंगा नदी से मिल जाती है । कुछ दूरी तक यह बिहार तथा उत्तर प्रदेश की सीमा का निर्धारण भी करती है । हिन्दू और बौद्ध धर्म ग्रंथों में सरयू को अत्यन्त पवित्र नदी माना गया है ।

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> नदी के तीव्र प्रवाह से बहने के कारण सरयू नदी को घाघरा या घग्घर नदी के नाम से भी संबोधित किया जाता है । इस नदी की लंबाई लगभग 1180 किमी है । पूरे वर्ष जल से भरी रहने के कारण इसे सदानीरा कहा जाता है ।

गण्डक

नेपाल में इसे सप्तगण्डकी के नाम से पुकारते हैं । इसकी मुख्य धारा का नाम काली गण्डक और नारायण गण्डकी या नारायणी है । नेपाल के तराई भाग में इसे शालग्रामी भी कहा जाता है ।

गण्डक नदी अपनी सात सहायक नदियों के साथ मध्य हिमालय में नेपाल की उत्तरी सीमा और तिब्बत में विस्तृत हिमालय की अन्नपूर्णा पहाड़ियों के समीप मानगमोट और कुतांग के समीप से निकलती हैं ।

यह नदी नेपाल की सीमा को पार कर भारत में प्रवेश करती है तथा कुछ दूर उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा के साथ – साथ बहती है ।

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गण्डक नदी पटना के सामने तथा उत्तर बिहार के हाजीपुर और सोनपुर नामक दो प्रसिद्ध नगरों के मध्य बहती हुई मुजफ्फरपुर तथा सारण जिलों की सीमा बनाती हुई गंगा में मिल जाती है ।

इस नदी की कुल लम्बाई 425 किमी है । बूढी गण्डक इस नदी का बहाव गण्डक के समान उत्तर पश्चिम से दक्षिण – पूर्व की ओर है ।

यह नदी सोमेश्वर श्रेणियों के पश्चिमी भाग से निकलकर बिहार के उत्तरी – पश्चिमी जिले प ० चम्पारण में प्रवेश करती है तथा जफ्फरपुर , दरभंगा और मुंगेर जिलों में बहती हुई गंगा में मिल जाती है ।

इसकी सहायक नदियाँ हरहा , कापन , मसान , बाणगंगा , पंडई मनियरी , करहहा , उरई , तेलाबे , प्रसाद , तियर आदि हैं ।

बागमती

बागमती यह हिमालय की महाभारत श्रेणियों से नेपाल में निकलती है । यह बिहार की खतरनाक नदियों में से एक है । इस नदी का बहाव गण्डक के समान उत्तर पश्चिम से दक्षिण – पूर्व की ओर है ।

समस्तीपुर जिले के रोसड़ा नगर से लगभग दो मील दूर पश्चिमोत्तर में तिरमुहानी के निकट यह बूढ़ी गंडक नदी से संगम करती है । यह लहेरियासराय ( दरभंगा ) के दक्षिण 6 मील दूर स्थित हायाघाट रेलवे स्टेशन के पास से दो भागों में विभक्त हो जाती है ।

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इसकी दाहिनी धारा बूढ़ी गंडक से जा मिलती है जबकि बायीं धारा को करेह नदी के नाम से जाना जाता है । यह कमला नदी से मिलकर कोसी में जा मिलती है ।

> बागमती नदी बाढ़ के दिनों में अक्सर अपना प्रवाह मार्ग बदल लेती है । यह मुजफ्फरपुर , समस्तीपुर , दरभंगा और मधुबनी जिलों में काफी क्षति पहुँचाती है ।

> इसकी सहायक नदियाँ लाल बकेया , लाखनदेई , चकनाहा , जमुने , सिपरी धार , छोटी बागमती , कोला आदि हैं ।

कमला

कमला > यह नदी भी नेपाल में हिमालय की महाभारत श्रेणियों से निकलती है तथा नेपाल की तराई से होती हुई जयनगर की सीमा से बिहार में प्रवेश करती है ।

> पहले यह नदी जीवछ कमला कहलाती थी , परन्तु अब यह बलान नदी से मिलकर बहने लगी है । यह मिथिला की प्रसिद्ध नदी है और पुण्य प्राप्ति की दृष्टि से गंगा के बाद मिथिला में इसी का स्थान है । इस क्षेत्र में इस नदी को कमला माई भी कहा जाता है ।

> यह दरभंगा प्रमंडल में प्रवाहित होकर कोसी से मिल जाती है ।

> इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ सोनी , ढोरी और बलान हैं ।

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