God particle क्या हैं ? ,god particle का नाम क्यों रखा गया boson particle:

नमस्कार दोस्तों , और आज मैं आपको God particle के खोज और उसके बारें में कुछ जानकारी आपसे आज के इस article के through ,share कर रहा हूँ,


दोस्तों जैसा कि आपने परमाणु के बारें में तो सुना ही होगा ,कि यह पदार्थ का सबसे छोटा कण होता हैं ,वैसे ही बोसॉन यानि कि God particle परमाणु में सबसे छोटे कण होते हैं ,


friends अभी तक साइंटिस्ट परमाणु की बनावट में न्यूक्लियस के अंदर प्रोटॉन तक पहुंच कर भी इसके रहस्य को भेद नहीं पाए हैं ,इसके बाद प्रोटोन की बनावट को समझने की प्रक्रिया में वैज्ञानिक को एक खास कण का आभास हुआ ,जिसे बोसॉन या God particle नाम दिया गया ,आज मैं इसी के बारें मैं  आपको बताने जा रहा हूँ। 


God particle की खोज के बाद उसे बोसॉन पार्टिकल नाम दे दिया गया , दरअसल ग्रेट इंडियन साइंटिस्ट सत्येंद्र नाथ बोस के नाम को भौतिकी विज्ञानं में कभी न मिटने के लिए इसका नाम boson particle रख दिया ,


आज मुझे आप लोगो से ये बात शेयर कर बहुत ख़ुशी मिल रही हैं ,कि आज मैं अपने देश के इस महान साइंटिस्ट के बारें में आपको बता रहा हूँ ,


फ्रेंड्स इसी महान साइंटिस्ट जिसका नाम सत्येंद्र नाथ बोस हैं ,इन्होने क्वांटम फिजिक्स यानि आधुनिक भौतिकी को एक नयी दिशा दी। 


   उनके कार्यो की सरहना महान वैज्ञानिक आइंस्टीन ने की। और उनके साथ मिलकर कई सिद्धांत प्रतिपादित किये क्वांटम फिजिक्स में उनके अनुसंधान ने इस subject को एक नया रास्ता दिखाया और उनके खोज पर आधारित कई वैज्ञानिको को आगे जाकर नोबेल पुरस्कार मिला। 



इंडियन साइंटिस्ट थे बोस :


फ्रेंड्स सत्येंद्र नाथ बोस एक उत्कृस्ट indian साइंटिस्ट थे ,उन्होंने क्वांटम फिजिक्स में महत्वपूर्ण योगदान दिया हैं ,क्वांटम फ़िज़िक्स में उनके अनुसन्धान ने bose -Einstein स्टैटिक्स और बोस आइंस्टीन कंडेंसटे थ्योरी की आधारशिला रखी। 


भौतिक विज्ञानं में दो प्रकार के अणु माने जातें हैं। — बोसॉन और फर्मियन ,बोसॉन नाम सत्येंद्र नाथ बोस के नाम पर इसका नाम बोसॉन नाम दिया गया। 






पीटर हिग्स को खोज के लिए मिला नोबेल अवार्ड ;


वर्ष 1965 में पीटर हिग्स ने हिग्स बोसॉन यानि god पार्टिकल का अपना आईडिया पेश किया ,जिसमे उन्होंने बताया कि God particle एक ऐसा कण हैं ,जो मैटर यानि पदार्थ को mass यानि द्रव्यमान प्रदान करता हैं ,उनकी थ्योरी में हिग्स बोसॉन एक ऐसा कण होता हैं ,जिसका एक फील्ड होता हैं । जो यूनिवर्स यानि ब्रहांड में हर जगह मौजूद हैं

जब कोई दूसरा कण इस फील्ड से गुजरता हैं तो उसे रुकावट का सामना करना पड़ता हैं ,जैसे कोई चीज पानी या हवा में जितना रेजिस्टेंस ,उतना ज्यादा मास ,स्टैण्डर्ड मॉडल हिग्स बोसॉन से मजबूत हो जाता हैं ,


लेकिन उसके होने के एक्सपेरिमेंटल proove चाहिए था ,बाद में हुए प्रयोगो के जरिये हिग्स ने इस कण को पाया।


कौन हैं पीटर हिग्स :

पीटर हिग्स का जन्म 1929 में न्यूकासल में हुआ था ,जब हिग्स ब्रिस्टल में रहने लगा तो उन्होंने कई पुरस्कार जीते ,लंदन के किंग्स कॉलेज में भौतिक विज्ञानं की पढ़ाई की। वर्ष 1964 में गॉड पार्टिकल के सिद्धांत ने उन्हें विश्व स्तर पर पहचान दिलाई दी ,वर्ष 1997 में उन्हें सिद्धांतिक भौतिकी के क्षेत्र में शानदार योगदान के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार दिया गया 






दोस्तों ,आज का आर्टिकल आपको कैसा लगा हमें कमेंट बॉक्स के जरिये हमें बताये ताकि हम आपके लिए और ऐसी एक्स्ट्रा जानकारी आप लोगो के लिए लाता रहूं 

     

                     “धन्यवाद”

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